बुलंदशहर/महाराजगंज/फर्रुखाबाद/रायबरेली: सावन के पवित्र महीने में कांवड़ यात्रा की शुरुआत 30 जुलाई से हो रही है. इसे लेकर प्रदेश सरकार ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं. अलग-अलग जिलों में भी पुलिस प्रशासन अलर्ट है. अधिकारियों ने भी तैयारियों का जायजा लिया है.
बुलंदशहर में प्रशासन अलर्ट: मेरठ कमिश्नर भानु चन्द्र गोस्वामी और डीआईजी कला निधि नैथानी ने बुलंदशहर के अनूपशहर के गंगा घाटों का निरीक्षण किया. इस दौरान बुलंदशहर डीएम और एसएसपी भी मौके पर मौजूद रहे. सावन माह की कांवड़ यात्रा को सकुशल कराने के लिए प्रशासन एक्शन मोड में है.
मेरठ कमिश्नर भानु चंद्र गोस्वामी और डीआईजी कला निधि नैथानी ने छोटी काशी अनूपशहर के गंगा घाटों का सुरक्षा, साफ-सफाई, बिजली, पानी और सड़क समेत सभी व्यवस्थाओं का जायजा लिया.
साथ ही कांवड़ मार्गों पर नियमित साफ-सफाई, शुद्ध पेयजल, मोबाइल शौचालय, पार्किंग स्थल और स्वास्थ्य शिविर सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं. मेरठ कमिश्नर और डीआईजी ने बुलंदशहर कांवड़ यात्रा को सकुशल एवं शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन को दिशा-निर्देश दिए.
अफसरों ने स्याना की सराय पुलिस चौकी से नहर पटरी मार्ग होते हुए आहार के ऐतिहासिक अम्बकेश्वर मंदिर तक के रास्ते का निरीक्षण किया. अधिकारियों ने आहार के अम्बकेश्वर मंदिर में आने जाने वाले लोगों के लिए अलग-अलग रास्ते बनाने के निर्देश दिए. बुलंदशहर में सुरक्षा और कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए करीब 17 पुलिस चौकियां बनाई गई हैं.
महराजगंज में तैयारियां परखीं: पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी के निर्देशन में जिले के प्रमुख शिवालयों, कांवड़ मार्गों, मेला क्षेत्रों और नेपाल सीमा से जुड़े संवेदनशील इलाकों में व्यापक सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था लागू कर दी गई है.
विशेष रूप से ठूठीबारी क्षेत्र स्थित पंचमुखी इटहिया शिव मंदिर और कोतवाली क्षेत्र के प्राचीन कटहरा शिव मंदिर पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा, जहां उत्तर प्रदेश, बिहार और नेपाल से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है.
श्रावण मास के प्रत्येक सोमवार और शिवरात्रि के अवसर पर भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसरों में बैरिकेडिंग, अलग प्रवेश और निकास मार्ग, CCTV और ड्रोन कैमरों से निगरानी, यूपी-112 की अतिरिक्त पेट्रोलिंग और महिला पुलिसकर्मियों की विशेष तैनाती की जाएगी.
संदिग्ध व्यक्तियों एवं वस्तुओं की सघन जांच के साथ सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी. श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 11 निरीक्षक, 35 उपनिरीक्षक, 14 महिला उपनिरीक्षक, 44 मुख्य आरक्षी, 141 आरक्षी, 45 महिला आरक्षी, 15 यातायात पुलिसकर्मी, एक प्लाटून PAC समेत पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई है.
नेपाल सीमा पर भी विशेष सतर्कता बरतते हुए लगातार चेकिंग अभियान चलाया जाएगा. यातायात पुलिस और ठूठीबारी पुलिस की संयुक्त टीम ने इटहिया शिव मंदिर का स्थलीय निरीक्षण किया.
फर्रुखाबाद में कांवड़ यात्रा: जिलाधिकारी फर्रुखाबाद डॉ. अंकुर लाठर और पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने पांचाल घाट और दुर्वासा ऋषि आश्रम के आसपास के क्षेत्रों का संयुक्त निरीक्षण किया.
अधिकारियों ने कांवड़ यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए प्रमुख मार्गों, पार्किंग स्थलों, बैरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, साफ-सफाई, शौचालय, चिकित्सा सहायता, सुरक्षा प्रबंध तथा यातायात संचालन की व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया.
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो. सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूर्ण कर ली जाएं. जिलाधिकारी ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है.
उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए सभी व्यवस्थाओं को मानक के अनुरूप सुनिश्चित करने संवेदनशील स्थलों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए.
उन्होंने कहा कि घाट के आसपास स्थित पूजन सामग्री की दुकानों को व्यवस्थित कारण इसके साथ ही घाट पर उचित संख्या में सफाईकर्मी तैनात कर सफाई व्यवस्था पूर्ण कराएं.
दुर्वासा ऋषि आश्रम के आसपास स्थित गंगा नदी घाट के निरीक्षण में जिलाधिकारी ने निर्देश दिए की गांव पंचायत की निधि से गंगा नदी के आसपास सुव्यवस्थित ढंग से साफ सफाई करें.
इसके साथ ही घाट के किनारे कूड़ा दान भी रखवाएं, जेसीबी मशीन से आसपास स्थित झाड़ियों एवं कूड़े की साफ सफाई कराएं. निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए. कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी तैयारियां समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए.
रायबरेली में कांवड़ यात्रा की तैयारियां: रायबरेली में सावन कांवड़ मेला में भगदड़ जैसे हालात को कंट्रोल करने को लेकर डलमऊ पुलिस ने मॉक ड्रिल की है. अपर पुलिस अधीक्षक आलोक सिंह ने बताया कि वे स्वयं मॉकड्रिल के समय उपस्थित रहे. उन्होंने बताया कि सावन कांवड़ मेला को सकुशल और सुरक्षित संपन्न कराने के उद्देश्य से थाना डलमऊ पुलिस ने मॉक ड्रिल की.
मॉक ड्रिल के दौरान मंदिरों में अत्यधिक भीड़ होने की स्थिति में संभावित भगदड़ जैसी आपात परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने का अभ्यास किया गया. उन्होंने बताया कि पुलिस टीम ने श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकालने, भीड़ को नियंत्रित करने, घायलों को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराते हुए तत्काल एम्बुलेंस के माध्यम से अस्पताल भिजवाने तथा संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर त्वरित राहत और बचाव कार्य का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया.
इस दौरान ड्यूटी में लगे पुलिसकर्मियों को आपदा की स्थिति में त्वरित एवं समन्वित कार्रवाई करने, श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देने तथा किसी भी आपात स्थिति में धैर्य एवं सतर्कता के साथ कार्य करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए. उन्होंने कहा कि रायबरेली पुलिस आगामी सावन कांवड़ मेला को सुरक्षित, शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने हेतु पूर्णतः प्रतिबद्ध है.
जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका ने बताया कि उन्होंने आगामी सावन मास, कांवड़ यात्रा और शिव मंदिरों में जलाभिषेक को लेकर विशेष निर्देश दिए गए हैं. जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका और पुलिस अधीक्षक रवि कुमार ने आस्तीक मंदिर और भरवेश्वर मंदिर का संयुक्त निरीक्षण किया.
अधिकारियों ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वच्छता, पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था, बैरिकेडिंग, पार्किंग, यातायात और स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारियों का जायजा लिया.