नई दिल्लीः भारतीय जनता पार्टी आज, सोमवार 17 अगस्त को नितिन नबीन की नई राष्ट्रीय टीम का एलान कर सकती है. सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी द्वारा अनुभवी नेताओं को बनाए रखते हुए युवा नेताओं को आगे लाए जाने की संभावना है.
जनवरी 2026 में बीजेपी के 16वें राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभालने वाले नबीन, आज दोपहर बाद इस संगठनात्मक फेरबदल की घोषणा कर सकते हैं. सूत्रों का कहना है कि युवा नेताओं को शामिल करने का यह प्रयास ‘जेन ज़ी’ (Gen Z – युवा पीढ़ी) तक पहुंच बनाने की एक कोशिश हो सकती है. बता दें कि Gen Z ने नीट (NEET) पेपर लीक के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में हुए छात्र प्रदर्शनों में हिस्सा लिया था. इसी विवाद के कारण धर्मेंद्र प्रधान को केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा था.
सूत्रों ने यह भी बताया कि कई वरिष्ठ नेताओं को केंद्रीय मंत्रिपरिषद से हटाकर संगठन की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है. पार्टी संगठन में इस बड़े फेरबदल के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कैबिनेट में भी बदलाव देखने को मिल सकता है.
भाजपा का वर्तमान ढांचा
भाजपा के शीर्ष पर चार सदस्यीय ‘मार्गदर्शक मंडल’ है- जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वरिष्ठ नेता एल.के. आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शामिल हैं. ये चारों नेता पार्टी के मार्गदर्शक स्तंभ हैं और दशकों से पार्टी की सेवा करने वाले अनुभव का प्रतिनिधित्व करते हैं.
मार्गदर्शक मंडल के बाद 12 सदस्यीय ‘संसदीय बोर्ड’ आता है, जिसकी अध्यक्षता भी पीएम मोदी ही करते हैं. इस बोर्ड में वरिष्ठ मंत्रियों और संगठनात्मक दिग्गजों का मिश्रण है, जिनमें नितिन नबीन, राजनाथ सिंह, अमित शाह, जे.पी. नड्डा, कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा, केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल, ओबीसी सेल के प्रमुख के. लक्ष्मण, पंजाब के इकबाल सिंह लालपुरा, हरियाणा की सुधा यादव, मध्य प्रदेश के नेता सत्यनारायण जटिया और बी.एल. संतोष शामिल हैं.
इस क्रम में अगला स्थान ‘केंद्रीय चुनाव समिति’ का है, जिसकी अध्यक्षता भी पीएम मोदी ही करते हैं. इसमें संसदीय बोर्ड के 12 सदस्यों के अलावा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष वनथी श्रीनिवासन शामिल हैं.
पार्टी में 11 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी हैं. जिनमें, राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और सांसद बैजयंत पांडा शामिल हैं. पार्टी के सात महासचिव अरुण सिंह, दुष्यंत गौतम, विनोद तावड़े, तरुण चुघ, सुनील बंसल, राधा मोहन दास अग्रवाल और बी.एल. संतोष हैं. सुनील बंसल और बी.एल. संतोष को छोड़कर, बाकी सभी महासचिव वर्तमान या पूर्व सांसद हैं. चुघ और तावड़े हाल ही में राज्यसभा में शामिल हुए हैं.