यूपी के 26 जिलों में बाढ़ का कहर, 1312 शरणालय सक्रिय; सीएम योगी ले रहे पल-पल का अपडेट

लखनऊ:  चित्रकूट में बाढ़ की चुनौती के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। मंदाकिनी नदी का जलस्तर 29 अगस्त को 135.20 मीटर के उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद अब घटकर 128.00 मीटर पर आ गया है। जलस्तर में गिरावट के बावजूद जिला प्रशासन ने निगरानी और राहत कार्यों में कोई ढिलाई नहीं की है।

अब तक 688 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। जिले में बाढ़ से अब तक किसी तरह की जन या पशुहानि की सूचना नहीं है। बचाव अभियान के लिए एनडीआरएफ के 30 सदस्य और एसडीआरएफ की दो टीमों के 27 सदस्य तैनात हैं। स्थानीय प्रशासन की टीमें भी प्रभावित क्षेत्रों में लगातार सक्रिय हैं।

36 गांवों के 13,906 लोगों तक पहुंची मदद

मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने से कर्वी के रामघाट सहित 19 गांव, राजापुर के सात और मानिकपुर के 10 गांव प्रभावित हुए। कुल 36 प्रभावित गांवों के 13,906 लोगों तक प्रशासन की ओर से भोजन, राहत सामग्री और स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाई गई हैं।

तत्काल भोजन उपलब्ध कराने के लिए कर्वी में 24,530, राजापुर में 4,043 और मानिकपुर में 230 लंच पैकेट बांटे गए हैं। इस तरह कुल 28,803 लंच पैकेट वितरित किए जा चुके हैं।

2,065 राहत किट बांटी गईं

प्रभावित परिवारों को जरूरी सामान उपलब्ध कराने के लिए कर्वी में 1,073, राजापुर में 796 और मानिकपुर में 196 राहत किट वितरित की गई हैं। कुल 2,065 राहत किट बांटी जा चुकी हैं। प्रभावित लोगों के लिए जिले में 18 बाढ़ शरणालय भी क्रियाशील हैं।

मकान क्षति पर 7.52 लाख रुपये की सहायता

बाढ़ में जिले में 653 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। इनमें 188 मामलों में 7.52 लाख रुपये की सहायता राशि लाभार्थियों के खातों में भेजी जा चुकी है। पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त एक मकान के लिए 1.20 लाख रुपये की सहायता दी गई है। अन्य मामलों में भुगतान की प्रक्रिया जारी है।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 28 मेडिकल टीमें एंबुलेंस और जरूरी दवाओं के साथ तैनात हैं। टीमें स्वास्थ्य परीक्षण और दवा वितरण कर रही हैं। वहीं फसल क्षति का आकलन करने के लिए सर्वे भी कराया जा रहा है।

टापू पर फंसे 12 चरवाहे और दो हजार से अधिक भेड़ें बचाईं

गाजीपुर में गंगा का जलस्तर बढ़ने से डूहिया सरैया के पास नदी के टापू पर फंसे 12 चरवाहों और दो हजार से अधिक भेड़ों को पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने सुरक्षित बचा लिया। करीब छह घंटे चले अभियान में नाइट विजन ड्रोन की मदद से फंसे लोगों और भेड़ों की लोकेशन चिन्हित की गई।

देर रात सूचना मिलने के बाद संयुक्त टीम ददरी घाट पहुंची। इसके बाद फ्लड कंपनी पीएसी, पुलिस, प्रशासनिक टीम और स्थानीय नाविकों ने मिलकर रेस्क्यू अभियान चलाया। अभियान में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।

 

17,544 लोग सुरक्षित निकाले गए

उत्तर प्रदेश में गुरुवार को 26 जिलों में बाढ़ का असर रहा। बाढ़ से करीब 3.53 लाख आबादी प्रभावित है। राहत आयुक्त कार्यालय के मुताबिक अब तक 17,544 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है, जबकि 4,847 लोग बाढ़ शरणालयों में रह रहे हैं। प्रदेश में कुल 1,312 बाढ़ शरणालय स्थापित किए गए हैं। राहत एवं बचाव तंत्र की सक्रियता के चलते अब तक किसी जन या पशुहानि की सूचना नहीं है।

1,697 नाव-मोटरबोट सक्रिय

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव के लिए 1,634 बाढ़ चौकियां, 1,697 नाव-मोटरबोट और 1,068 मेडिकल टीमें सक्रिय हैं। प्रभावितों तक भोजन, राहत सामग्री और स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के साथ लगातार निगरानी की जा रही है।
अब तक 72,897 बाढ़ राहत खाद्यान्न पैकेट और 3,67,551 लंच पैकेट वितरित किए जा चुके हैं।

पशुओं के लिए पांच हजार क्विंटल से अधिक भूसा उपलब्ध कराया गया है। स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए 5.52 लाख से अधिक क्लोरीन टैबलेट और 1.87 लाख से अधिक ओआरएस पैकेट बांटे गए हैं। बाढ़ से 45 हजार से अधिक पशु प्रभावित हैं, लेकिन अब तक किसी पशु की मृत्यु की सूचना नहीं है।

प्रदेश के बाढ़ प्रभावित जिले

अमरोहा, अयोध्या, आजमगढ़, बदायूं, बलिया, बाराबंकी, बस्ती, चंदौली, फर्रुखाबाद, गाजीपुर, गोंडा, गोरखपुर, हरदोई, कासगंज, कानपुर, लखीमपुर खीरी, मिर्जापुर, मुरादाबाद, पीलीभीत, प्रयागराज, रायबरेली, रामपुर, संत कबीर नगर, शाहजहांपुर, उन्नाव और वाराणसी।