PM मोदी ने बताया Gen Z का पसंदीदा नाश्ता, जानिए क्यों बढ़ा एवोकाडो का क्रेज

एक समय था जब एवोकाडो ज्यादा लोकप्रिय नहीं था, बहुत कम लोग इसके बारे में जानते थे और विदेशों में भी इसे बस एक आम स्थानीय फल माना जाता था. लेकिन आज, यह एक ग्लोबल ‘सुपरफूड’ और स्टेटस सिंबल बन गया है. ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से लेकर हेल्दी ब्रेकफास्ट मेन्यू तक, यह फल हर जगह दिखाई देता है. हेल्थ को लेकर जागरूक लोगों के बीच ‘एवोकाडो और ‘एवोकाडो टोस्ट’ की, लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है.

तेजी से पॉपुलर हो रहा ‘एवोकैडो टोस्ट’
आजकल की खाने-पीने की आदतों, वेस्टर्न ब्रेकफास्ट के ट्रेंड और बजट और लाइफस्टाइल से जुड़े मामलों पर होने वाली चर्चाओं में ‘एवोकैडो टोस्ट’ का अक्सर एक खास उदाहरण दिया जाता है. एवोकैडो को ‘सुपरफूड’ माना जाता है क्योंकि इसमें हेल्दी फैट (ओमेगा-3), फाइबर और विटामिन भरपूर मात्रा में होते हैं. इंस्टाग्राम और टिकटॉक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ने इसे देखने में आकर्षक और हेल्दी नाश्ते के विकल्प के तौर पर पेश किया है, जिससे युवाओं के बीच यह तेजी से पॉपुलर हुआ है.

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में, लोग ऐसा ब्रेकफास्ट चाहते हैं जो जल्दी बन जाए, बनाने में आसान हो और दिन भर के लिए पर्याप्त एनर्जी दे. एवोकैडो टोस्ट इस जरूरत को पूरी तरह से पूरा करता है. भारत समेत कई देशों में, वेस्टर्न ब्रेकफास्ट ऑप्शन, जैसे स्मूदी बाउल, ओट्स और एवोकैडो टोस्ट, तेजी से पोहा, पराठा, या इडली जैसे पारंपरिक ब्रेकफास्ट की जगह ले रहे हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के एक किसान का किया जिक्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया इंस्टाग्राम पोस्ट में भी भारत में एवोकाडो की बढ़ती लोकप्रियता का जिक्र किया गया. उन्होंने देश में इस फल की खेती की संभावनाओं पर बात की. वीडियो में उन्होंने बताया कि एवोकाडो, जो कभी बहुत कम जाना-पहचाना जाता था, अब भारत के अलग-अलग इलाकों में लोगों की डाइट का अहम हिस्सा बन गया है. अब यह अक्सर रेस्टोरेंट और कैफे के मेन्यू में भी शामिल होता है.

पीएम मोदी के वीडियो में आंध्र प्रदेश के एक किसान का भी जिक्र है. उन्होंने बताया कि कैसे एक दोस्त के खेत में एवोकाडो उगते हुए देखकर उस किसान की इसमें गहरी दिलचस्पी जगी. इसके बाद, किसान ने YouTube के जरिए एवोकाडो की खेती के बारे में सीखा और खुद भी इसे उगाना शुरू कर दिया. पीएम मोदी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, किसान करपा वरदराज अब लगभग चार टन एवोकाडो उगाते हैं और सीधे स्थानीय दुकानों को फल बेचकर अच्छी-खासी कमाई करते हैं.

एवोकाडो टोस्ट कैसे बनाएं
आजकल कैफे के मेन्यू में एवोकाडो टोस्ट आम बात है और इसे घर पर बनाना भी बहुत आसान है. बस टोस्ट की हुई ब्रेड पर मैश किया हुआ एवोकाडो, थोड़ा चाट मसाला, प्याज के स्लाइस और हरी मिर्च डालें, और अगर चाहें तो इसे मक्खन में हल्का सा फ्राई कर लें. टोस्ट तैयार है. हालांकि, एवोकाडो टोस्ट अब सिर्फ नाश्ते तक ही सीमित नहीं है. यह शाम के स्नैक से लेकर कैफे में खाने तक, हर चीज के लिए एक लोकप्रिय और हेल्दी फूड बन गया है. इस डिश की पॉपुलैरिटी का एक कारण ( खासकर Gen Z के बीच ) इसका दिखने में अच्छा होना, इंग्रीडिएंट्स को कस्टमाइज करने की फ्लेक्सिबिलिटी, और इसका फोटोजेनिक प्रेजेंटेशन है, जो सोशल मीडिया के लिए एकदम सही है.

एवोकाडो टोस्ट के ऊपर उबला अंडा और चिली फ्लेक्स छिड़कें, साथ में एक कप ब्लैक कॉफी, सोशल मीडिया के जमाने में, ऐसी प्लेट आसानी से सबका ध्यान खींच लेती है.

भारत में हास एवोकाडो खेती का परिदृश्य बदल रहा है

प्रधानमंत्री मोदी के अनुसार, भारत में एवोकाडो की खेती का परिदृश्य धीरे-धीरे बदल रहा है. हाल ही में, हैरिसन मलयालम द्वारा हास एवोकाडो के व्यावसायिक उत्पादन ने काफी ध्यान आकर्षित किया है. भारत के कुछ क्षेत्रों की जलवायु कैलिफोर्निया जैसी है, जहां हास एवोकाडो की बड़े पैमाने पर खेती की जाती है. नतीजतन, एवोकाडो टोस्ट (जो कैफे मेनू का एक मुख्य हिस्सा है) अब केवल शहरी खान-पान संस्कृति की विशेषता नहीं रह गया है.पारंपरिक फसलों के मुकाबले एवोकाडो की बढ़ती मांग को देखकर भारतीय किसान अब इसकी व्यावसायिक खेती की ओर रुख कर रहे हैं.