राजू पाल हत्याकांड में सीबीआई कोर्ट का फैसला, सभी छह आरोपियों को उम्रकैद की सजा

प्रयागराज: बहुजन समाज पार्टी के विधायक राजू पाल हत्या के सात आरोपियों को लखनऊ की सीबीआई कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। आरोपियों में माफिया अतीक अहमद के तीन शॉर्प शूटर आबिद, फरहान और अब्दुल कवि भी शामिल हैं। इसके अलावा जावेद, इसरार, रंजीत पाल और गुल हसन को भी कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है।

बता दें कि राजू पाल हत्याकांड के दो आरोपी माफिया अतीक अहमद और अशरफ की मौत हो चुकी है। छह आरोपियों को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है, जबिक एक अन्य आरोपी फरहान को अदालत ने आर्म्स एक्ट में चार साल की सजा सुनाई है।

2016 में सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को सौंपी थी जांच

राजू पाल हत्याकांड मामले की जांच सर्वोच्च न्यायालय ने 22 जनवरी, 2016 को सीबीआई को सौंप दी थी। पूजा पाल ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर मामले की सीबीआई की जांच की गुहार लगाई थी। घटना के करीब 11 साल बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी।

राजू पाल की हत्या के साथ उनके साथ मौजूद देवी लाल पाल और संदीप यादव की भी मौत हो गई थी। 20 अगस्त, 2019 को सीबीआई ने कुल 10 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। एक आरोपी रफीक उर्फ गुलफुल प्रधान की मौत हो चुकी है।

दिनदहाड़े बरसाई गई थीं गोलियां

25 जनवरी, 2005 दिन मंगलवार को दोपहर करीब तीन बजे का वक्त था। शहर पश्चिमी के बसपा विधायक राजू पाल एसआरएन अस्पताल स्थित पोस्टमार्टम हाउस से दो गाड़ियों के काफिले में साथियों संग धूमनगंज के नीवां में घर लौट रहे थे, तभी सुलेमसराय में जीटी रोड पर उनकी गाड़ी को घेरकर गोलियों की बौछार कर दी गई।