शिवपाल बोले- मुख्तार की मौत के लिए जेल प्रशासन और सरकार जिम्मेदार, स्‍वामी प्रसाद मौर्य ने बताया साजिश  

बदायूं: माफिया मुख्तार अंसारी की गुरुवार (28 मार्च) रात को हार्ट अटैक से मौत हो गई। इस पर बदायूं से सपा प्रत्‍याशी व पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि मुख्तार अंसारी की मौत संदेह के घेरे में है। न्यायालय को स्वत: संज्ञान लेना चाहिए।

शुक्रवार (29 मार्च) को पत्रकार वार्ता में सपा के वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव ने कहा कि मुख्तार अंसारी से हमारे पारिवारिक संबंध रहे हैं। आजादी की लड़ाई में मुख्तार के परिवार का बड़ा योगदान रहा है। मुख्तार अंसारी की मौत संदेह  के घेरे में है। कोर्ट को स्वतः संज्ञान लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि जेल में किसी की मौत होती है तो प्रशासनिक अधिकारी से लेकर सरकार तक सबकी जिम्मेदारी है। मुख्तार अंसारी की मौत भी संदेह के घेरे में है। कोर्ट को स्वयं संज्ञान लेना लेना चाहिए। अब्बास अंसारी के पिता की मौत हुई है तो डीएम को स्वतः ही जनाजा में शामिल होने की अनुमति दे देनी चाहिए।

स्वामी प्रसाद मौर्य ने भी उठाए सवाल

राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने अपने एक्स अकाउंट में लिखा है कि ‘यह स्वाभाविक मौत नहीं हत्या की साजिश प्रतीत होती है, पहले डाक्टरों की पैनल ने अस्पताल से डिस्चार्ज किया और कुछ घंटों बाद ही उनकी मौत, पारिवारिजनों द्वारा लगाए गये हत्या की साजिश की पुष्टि करती है।

उन्‍होंने कहा कि पूरे घटना क्रम की जांच उच्च न्यायालय की देखरेख में होना चाहिए, यहां तक कि पोस्टमार्टम भी उच्च न्यायालय के किसी जज के अभिरक्षण में ही किया जाना चाहिए, जिससे कि न्याय का गला घोंटने वालों का चेहरा बेनकाब हो सके तथा थानों, जेलों, पुलिस अभिरक्षण में साजिशन किये जा रहे इस प्रकार के हत्याओं के फैशन पर विराम लग सके।