आगरा : उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को रोजगार से जोड़ने और उनके लिए नए अवसर पैदा करने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है. इसी क्रम में उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन के तहत स्किल गैप ब्रिजिंग कार्यक्रम की एक नई और अनूठी पहल की गई है. इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं के स्किल गैप को खत्म करना है. इसके तहत युवाओं को न केवल उनके तकनीकी क्षेत्र में दक्ष बनाया जाएगा, बल्कि अंग्रेजी भाषा पर पकड़, कंप्यूटर कौशल और अन्य सॉफ्ट स्किल्स का भी गहन प्रशिक्षण दिया जाएगा. इसके लिए प्रदेश में मंडल स्तर के सेवायोजन कार्यालयों में स्मार्ट क्लास और वीडियो वॉल बनवाई जा रही है, जहां युवाओं को ट्रेनर तैयार करेंगे. ताकि उन्हें अच्छी नौकरी मिले. ईटीवी भारत ने क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय के सहायक निदेशक सेवायोजन चंद्रचूड़ दुबे से स्किल गैप ब्रिजिंग कार्यक्रम को लेकर खास बातचीत की. जहां उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम हर बेरोजगार के लिए है, जो उनकी स्किल बेहतर करने के साथ ही अच्छी नौकरी भी दिलाएगा.
दरअसल, केंद्र सरकार का फोकस आत्मनिर्भर भारत और स्किल इंडिया पर है, जिससे देश के ज्यादा से ज्यादा युवाओं को आत्मनिर्भर किया जाए. युवा नौकरी के पीछे नहीं भागे, बल्कि दूसरे युवाओं को भी रोजगार दें. पीएम मोदी की मुहिम को यूपी में योगी सरकार आगे बढ़ा रही है. जिसके चलते ही आत्मनिर्भर भारत और स्किल इंडिया को लेकर विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं. इसके साथ ही प्रदेश में रोजगार मेले आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे युवाओं को नौकरी दी जा सके.
स्मार्ट क्लास और वीडियो वॉल के उपकरण
आगरा क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय के सहायक निदेशक सेवायोजन चंद्रचूड़ दुबे ने बताया कि मुख्यालय से निर्देश मिले हैं. हर जिले के सेवायोजन कार्यालय में स्मार्ट क्लास बनाई जानी है, जिसमें वीडियो वॉल भी होगी. मुख्यालय ने इसके लिए पहले मंडल स्तर के जिलों में स्मार्ट क्लास और वीडियो वॉल बनाने की तैयारी की है. इसमें ही आगरा के क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय में स्मार्ट क्लास और वीडियो वॉल बनेगी. स्मार्ट क्लास के लिए जरूरी उपकरण और अन्य सामान आ गया है. इसके साथ ही वीडियो वॉल के लिए भी सामान और उपकरण आ गए हैं. जल्द ही स्मार्ट क्लास और वीडियो वॉल बनकर तैयार हो जाएगी, जहां पर युवाओं को ट्रेंड और अपडेट करने के लिए ट्रेनर तैनात किए जाएंगे.
स्किल की कमियां होंगी दूर
चंद्रचूड़ दुबे ने यह भी बताया कि स्मार्ट क्लास और वीडियो वॉल के जरिए युवा और बेरोजगार युवाओं के स्किल गैप को दूर किया जाएगा. ट्रेनर स्मार्ट क्लास में आने वाले युवाओं और विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेने वाले युवाओं को आधुनिक तकनीक के माध्यम से भाषा प्रशिक्षण और स्किल डेवलपमेंट से जोड़ेंगे. स्मार्ट क्लास में युवाओं को इंटरएक्टिव तरीके से अंग्रेजी भाषा, कंप्यूटर कौशल और अन्य जरूरी स्किल्स सिखाई जाएंगी. यहां पर वीडियो, ऑडियो और विभिन्न डिजिटल सामग्री के माध्यम से पढ़ाई एकदम रोचक तरीके से कराई जाएगी, जिससे युवाओं के लिए समझने में बेहद आसानी रहे. यूपी सरकार के स्किल गैप ब्रिजिंग कार्यक्रम के जरिए युवाओं की स्किल की कमियां दूर की जाएंगी. युवाओं के बैच बनाकर उन्हें अपडेट किया जाएगा. इससे युवाओं को नौकरी को लेकर प्रतिस्पर्धा करने में आसानी होगी.
युवाओं की दक्षता और क्षमता बढ़ेगी
चंद्रचूड़ दुबे ने बताया कि स्मार्ट क्लास और वीडियो वॉल के जरिए प्रशिक्षण से युवाओं में आत्मविश्वास डेवलप किया जाएगा. उनकी हर समस्या का समाधान किया जाएगा. करियर काउंसलिंग के साथ ही नए- नए रोजगार के बारे में जानकारी मिलेगी. आगरा की मंडलीय स्तरीय स्मार्ट क्लास और वीडियो वॉल की सुविधा भी युवाओं के लिए उपयोगी साबित होगी. इसमें बड़े स्क्रीन वाले वीडियो वॉल के माध्यम से ग्रुप ट्रेनिंग, सेमिनार, वर्कशाप और लाइव सत्र आयोजित किए जाएंगे. इससे एकसाथ बड़ी संख्या में युवा एक ही समय पर बेहतर गुणवत्ता वाले प्रशिक्षण का लाभ ले सकेंगे. अपनी स्किल और बेहतर कर सकेंगे. स्मार्ट क्लास और वीडियो वॉल की नई सुविधाएं युवाओं की दक्षता और क्षमता बढ़ाने में अहम रहेंगी.
जर्मनी, जापान और इजराइल में मिलेगी अच्छी नौकरी
चंद्रचूड़ दुबे ने कहा कि यूपी के युवा देश के तमाम राज्यों के साथ ही विदेश में भी नौकरी पा रहे हैं. जापान, जर्मनी और इराइयल में यूपी के स्किल्ड युवाओं की डिमांड बनी रहती है, जो मोटे पैकेज पर विदेश में नौकरी करने जाते हैं. यूपी की बात करें तो जापान और जर्मनी के मेडिकल क्षेत्र में यूपी के आगरा और अन्य जिलों से पैरामेडिकल स्टॉफ मोटे पैकेज पर जाते हैं. मगर, कई बार युवाओं के सामने कई दिक्कत आती हैं, जिनकी वजह से उन्हें परेशानी होती है. इसके लिए ही सरकार ने स्किल गैप ब्रिजिंग कार्यक्रम की शुरूआत की है, जिसमें युवाओं की कमियों को दूर किया जाएगा. स्किल गैप ब्रिजिंग कार्यक्रम के तहत बनाई जा रही स्मार्ट क्लास और वीडियो वॉल से युवाओं को जापान, जर्मनी और इजराइल में अच्छी नौकरी मिल सकेगी.