किसानों का दिल्ली कूच, केंद्र सरकार के विरोध में संकल्प पत्र; डासना में ट्रेन रोकने पर हंगामा

मेरठ/गाजियाबाद: दिल्ली के रामलीला मैदान में गुरुवार (14 मार्च) को किसानों की महापंचायत हुई, जिसमें उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब से किसान पहुंचे थे। किसानों के दिल्ली की ओर मूवमेंट को देखते हुए गाजीपुर बार्डर पर तीन कंपनी पीएसी तैनात की गई थी। दिल्ली जाते हुए जगह-जगह किसानों को पुलिस ने रोका। मेरठ में किसानों को घरों में नजरबंद किया गया। डासना में आधी रात ट्रेन को रोका गया। इसके विरोध में किसानों ने 2 बजे से 5 बजे तक रेलवे ट्रैक जाम किया। उसके बाद 5 बजे अधिकारियों ने रेलवे बोर्ड में वार्ता करके ट्रेन को रवाना किया।

काशी टोल प्लाजा पर राकेश टिकैत के बेटे गौरव को रोका गया। उनके साथ किसान भी थे। इन सभी ने हाईवे किनारे ही हुक्का लगाकर चौपाल शुरू कर दी। यह चौपाल 1 घंटे तक चली। मुजफ्फरनगर, शामली, फर्रुखाबाद में किसानों को दिल्ली की तरफ आते हुए रोका गया। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर किसानों और पुलिस के बीच बहस हो गई। उन्हें दिल्ली की तरफ जाते हुए रोका गया था। किसान ने कहा कि हमें दिल्ली जाने दिया जाए, नहीं तो गिरफ्तार कर लिया जाए। हम तैयार हैं।

राकेश टिकैत ने कहा- जमीन बचाने के लिए आंदोलन जरूरी है

दिल्ली के रामलीला मैदान में दो घंटे महापंचायत चली। भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि ये सरकार आपको डराने धमकाने की कोशिश करेगी। वाहनों को रास्ते में रोका जा रहा है, लेकिन आप लोग डरे नहीं। इन लोगों की नजर आपकी जमीन पर है। जमीन बचाने के लिए आंदोलन जरूरी है। दिल्ली के रामलीला मैदान की महापंचायत में संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) केंद्र सरकार के विरोध में संकल्प पत्र लेकर आई है। इसमें 5 मुख्य बातों का जिक्र किया गया।

  • MSP को लेकर 9 दिसंबर, 2021 को हुए समझौते को लागू नहीं किया गया।
  • 2014-2022 के बीच 1,00,474 किसानों ने आत्महत्या की। इसके बावजूद ऋण माफी योजना लागू नहीं की गई।
  • बिजली क्षेत्र का तेजी से निजीकरण किया जा रहा है।
  • लखीमपुर खीरी हिंसा में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी को बचाया गया।
  • धनबल और बाहुबल के खिलाफ 23 मार्च, 2024 को देश के सभी गांवों में ‘लोकतंत्र बचाओ-दिवस मनाओ” कार्यक्रम होगा।