गोरखपुर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज शुक्रवार को तीन दिवसीय दौरे पर गोरखपुर पहुंचे हैं. वह जनता को रोड कनेक्टिविटी के बड़े नेटवर्क का सौगात देंगे, व्यापार और उद्योग के क्षेत्र में गोरखपुर की प्रतिष्ठा बढ़ाने वाले व्यापारियों के निधन बाद उनके घर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि भी देंगे.
इस दौरान बस्ती में 600 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे. गोरखपुर के भटहट-बांसस्थान फोरलेन सहित करीब 697 करोड़ रुपये की चार सड़क परियोजनाओं की भी सौगात देंगे. इसके अलावा वामंत माता मंदिर के समीप आयोजित होने वाले समारोह में, मुख्यमंत्री 54 करोड़ रुपये की लागत वाली सात परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों लोकार्पित होने वाली सड़क परियोजनाओं में सबसे महत्वपूर्ण भटहट-बांसस्थान फोरलेन है. 11.6 किमी लंबे इस मार्ग पर ही प्रदेश का पहला आयुष विश्वविद्यालय भी बना है. मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग ने सड़क के दोनों ओर मानक के अनुरूप जल निकासी (ड्रेनेज) की व्यवस्था की है. सड़क लोकार्पण की चारों और शिलान्यास की सभी सात परियोजनाएं पिपराइच विधानसभा क्षेत्र की हैं.
परियोजनाएं:
- भटहट-बांसस्थान फोरलेन सड़क, लंबाई 11.6 किमी, लागत 689 करोड़ 35 लाख 33 हजार रुपये.
- चकजलाल घोड़ादेउर संपर्क मार्ग, लंबाई 4.85 किमी, लागत 3 करोड़ 59 लाख 40 हजार रुपये.
- हाफिज नगर द्वितीय संपर्क मार्ग, लंबाई 2.05 किमी, लागत 1 करोड़ 67 लाख 25 हजार रुपये.
- पिपराइच बरगदही मार्ग से सिरसिया महादेव मंदिर तक सड़क चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण, लंबाई 0.635 किमी, लागत 2 करोड़ 30 लाख 21 हजार रुपये.
- इन विकास कार्यों का सीएम करेंगे शिलान्यास:
- भरवलिया एकला मार्ग का नवनिर्माण, लंबाई 2 किमी, लागत 1 करोड़ 53 लाख रुपये.
- गुलरिहा रामनगर से एकला ग्राम तक मार्ग का चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण, लंबाई 3.5 किमी, लागत 6 करोड़ 95 लाख 71 हजार रुपये.
- सरैया बांसस्थान मार्ग का चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण, लंबाई 13.8 किमी, लागत 38 करोड़ 32 लाख 92 हजार रुपये.
- ग्राम सिरसिया में महादेव कुंड का पर्यटन विकास, लागत 3 करोड़ 98 लाख 85 हजार रुपये.
- ग्राम बूढ़ाडीह में समय माता मंदिर का पर्यटन विकास, लागत 1 करोड़ 77 लाख 37 हजार रुपये.
- ग्राम औरंगाबाद का ग्रामीण पर्यटन विकास, लागत 96 लाख 29 हजार रुपये.
- जंगल डुमरी नंबर एक से फैलहवा कोदईसाह टोला तक लेपन कार्य, लागत 61 लाख 54 हजार रुपये.
वहीं महानगर के नव पर्यटन स्थल चिलुआताल के किनारे योगी सरकार के द्वारा करीब 13 करोड़ रुपये की लागत से भजन संध्या स्थल का निर्माण कराया जा रहा है. इसी साल अगस्त माह तक निर्माण पूर्ण होने की उम्मीद है.
वहींं, 20 करोड़ 39 लाख रुपये की लागत से चिलुआताल का सौंदर्यीकरण कराने के साथ ही यहां भजन संध्या स्थल का निर्माण भी कराया जा रहा है. इससे लोगों को घाट पर सैर सपाटे के साथ भजन सुनने का भी आनंद प्राप्त होगा. इस भजन संध्या स्थल पर एक साथ 1014 लोग बैठकर भजनोंं की सरिता में डुबकी लगा सकेंगे.
भजन संध्या स्थल में एक विशाल स्थायी मंच बनाया जा रहा है, जिससे कलाकार भजनों की प्रस्तुति करेंगे. इसके अलावा श्रद्धालुओं के लिए सीढ़ीनुमा श्रोता दीर्घा बनाई जा रही है. इससे विपरीत मौसम में भी श्रोता भजनों का आनंद ले सकेंगे यहां कलाकारों के ग्रीन रूम बनाया जाएगा,
इसके आलावा, टायलेट ब्लाक, पेयजल पोस्ट और पार्किंग की समुचित व्यवस्था भी होगी. स्थल का माहौल प्राकृतिक हो, इसके लिए पौधरोपण और लैंड स्केपिंग भी कराई जाएगी. स्थल की दीवारों को स्प्रिचुअल म्यूरल पेंटिंग्स (आध्यात्मिक चित्रों) से सजाया जाएगा. कार्यदायी संस्था यूपी राजकीय निर्माण निगम के मुताबिक निर्माण अगस्त 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है।