आगजनी केस में सपा विधायक इरफान सोलंकी पर फैसला टला, अब नई तारीख 19 मार्च

कानपुर: आगजनी केस में समाजवादी पार्टी के विधायक इरफान सोलंकी और उनके भाई पर गुरुवार को फैसला आना था, लेकिन अब 19 मार्च को फैसला आने की संभावना है। कानपुर की फास्ट ट्रैक कोर्ट में आगजनी केस में सुनवाई पूरी हो चुकी है। गुरुवार को विधायक के भाई रिजवान सोलंकी कोर्ट पहुंचे तो मीडिया के सवालों का जवाब दिया। सोलंकी ने कहा कि इंसाफ होगा, हम दोनों भाई बेगुनाह हैं। फैसले को लेकर पुलिस ने भी अपनी कड़ी तैयारी की थी। कोर्ट में DCP से लेकर 100 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को तैनात किए थे।

दरअसल, डिफेंस कालोनी जाजमऊ में रहने वाले सपा एमएलए इरफान सोलंकी और उनके भाई रिजवान समेत अन्य गुंडों पर पड़ोसी महिला नजीर फातिमा का प्लॉट में बने अस्थाई घर फूंकने का आरोप है। मामले में पड़ोसी महिला नजीर फातिमा ने प्लॉट पर कब्जा करने की नीयत से झोपड़ी फूंकने का आरोप लगाते हुए 8 नवंबर 2022 को जाजमऊ थाने में इरफान, रिजवान समेत अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि 7 नवंबर 2022 को रात आठ बजे उसका परिवार भाई की शादी में गया था। तभी रिजवान सोलंकी, इरफान सोलंकी और उनके साथियों ने मेरे घर में आग लगा दी।

जेल में बंद हैं इरफान सोलंकी समेत सभी आरोपी

साजिश के तहत ऐसा किया गया इससे कि पीड़िता घर छोड़कर भाग जाए और विधायक परिवार उस पर कब्जा कर लें। आग से गृहस्थी, फ्रिज, टीवी, सिलेंडर और बाकी सामान खाक हो गया था। रिपोर्ट दर्ज करने के बाद जाजमऊ पुलिस ने जांच शुरू की तो सामने आया कि शौकत, शरीफ और इजराइल आटे वाले, अनूप यादव, महबूब आलम, शमशुद्दीन, एजाजुद्दीन, मो. एजाज, मुर्सलीन भोलू, शकील चिकना को भी इस केस में शामिल थे। इसके चलते इन सभी को आरोपित बनाया गया। इरफान और रिजवान समेत सभी आरोपी मौजूदा समय में जेल में हैं।