शामली: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को जनपद शामली पहुंचे. यहां उन्होंने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर जमकर राजनीतिक हमला बोला. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि जो लोग यहां की डेमोग्राफी बदल रहे थे, वे समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के लोग असल में जिन्ना के उपासक हैं.
उन्होंने आरोप लगाया कि इन्हीं लोगों की गलत नीतियों और राजनीतिक शह के कारण पहले कांधला और कैराना से बड़े पैमाने पर पलायन हो रहा था. इसके विपरीत हमारी सरकार अन्नदाता किसानों की उपासक है, जिन्होंने गन्ने का क्षेत्रफल बढ़ाकर पूरे उत्तर प्रदेश का नाम देशभर में रोशन किया है.
डबल इंजन सरकार की उपलब्धियां गिनाईं: आज चीनी मिलों के माध्यम से हमारे किसानों के गन्ना मूल्य का समय पर भुगतान हो पा रहा है, जिसे डबल इंजन की एनडीए सरकार ने करके दिखा दिया है. मुख्यमंत्री ने इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि आज से 5 हजार वर्ष पूर्व कुरुक्षेत्र के धर्मयुद्ध में जाने से पहले लीलाधारी प्रभु श्री कृष्ण ने इसी पावन हनुमान टीला में आकर विश्राम किया था. उन्होंने यहां के ऐतिहासिक टीले में स्थित पवित्र जल को ग्रहण किया था, जो इस क्षेत्र की महान धार्मिक महत्ता को दर्शाता है. शामली और कैराना की इस पावन धरा ने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता समर में भी ब्रिटिश हुकूमत की चूलों को हिलाने का ऐतिहासिक काम किया था.
कैराना घराने का गौरवशाली इतिहास: कैराना की इस पावन धरा ने भारत की शास्त्रीय संगीत की समृद्ध परंपरा को हमेशा एक नई और गौरवशाली ऊंचाई देने का काम किया है. इसी प्रसिद्ध कैराना घराने से ताल्लुक रखने वाले पंडित भीमसेन जोशी ने पूरी दुनिया के अंदर भारत के शास्त्रीय संगीत का परचम लहराया था. संगीत और शौर्य की इस पावन धरा को कोटि-कोटि नमन करते हुए मैं आप सभी जनता जनार्दन का यहाँ हृदय से अभिनंदन करता हूं. हमारे शामली जनपद की अपनी एक अलग पहचान और यहां के खेतों में उगने वाले गन्ने की एक विशेष मिठास है.
पलायन और दहशत का दौर खत्म: शामली आज से ठीक 10 वर्ष पहले लोगों के लिए केवल एक कौतूहल और डर का विषय बना हुआ था, जब लोग नक्शे में इसे ढूंढते थे. उस दौर में यह पूरा इलाका अपराधियों के कारण दहशत, डर और सरेआम होने वाली गुंडागर्दी का एक बड़ा प्रतीक बना हुआ था. उस समय यहां सरेआम कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ती थीं, जिसके कारण कैराना और कांधला से व्यापारियों व नागरिकों का पलायन होता था. एक सोची-समझी शरारत और साजिश के तहत यहाँ की डेमोग्राफी को पूरी तरह से बदलने के प्रयास लगातार किए जा रहे थे.
एक्सप्रेस-वे की त्रिवेणी बना शामली: पूर्ववर्ती सरकारों में विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़ा हुआ था, नौजवान हताश था और अन्नदाता किसान आत्महत्या करने के लिए मजबूर था. उस दौर में हमारी बहनें और बेटियां घर से बाहर निकलने में डरती थीं, उद्योग-धंधे चौपट हो रहे थे और सड़कें गड्ढों में तब्दील थीं. आज जब मैं कैराना और शामली को सुरक्षित और प्रगति करते हुए देखता हूं, तो मेरे अंतःकरण को असीम खुशी मिलती है. जैसे प्रयागराज की पवित्र धरती गंगा, यमुना और सरस्वती की त्रिवेणी के लिए जानी जाती है, वैसे ही अब हमारा शामली जनपद भी एक्सप्रेसवे का संगम बन चुका है.
कावड़ यात्रा पर अनुशासन की अपील: शामली अब दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, शामली-अंबाला एक्सप्रेसवे और गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे की भव्य त्रिवेणी का मुख्य केंद्र बन गया है. बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा का यह माहौल आने वाले समय में शामली को एनसीआर के सबसे धनी और समृद्ध जनपदों में खड़ा कर देगा. आगामी कावड़ यात्रा पर बोलते हुए सीएम योगी ने कहा कि आज हमारी सरकार में कोई भी कावड़ यात्रा को रोकने का दुस्साहस नहीं कर सकता है. उन्होंने कावड़ियों से अपील करते हुए कहा कि हम सब श्री राम के वंशज, श्री कृष्ण के अनुयायी और भोलेनाथ के परम भक्त हैं.
करोड़ों की विकास योजनाओं की सौगात: हमारे जीवन में अनुशासन और धैर्य सबसे बड़ी पूंजी होनी चाहिए, इसलिए यात्रा के दौरान छोटी-छोटी बातों को लेकर कोई हुड़दंग नहीं होना चाहिए. यदि कहीं कोई अनुशासनहीनता होती है, तो विरोधी इन दृश्यों को नोट कर यात्रा को प्रतिबंधित करने के लिए तमाम तरह के कुप्रयास करेंगे. हालांकि हमारी सरकार कावड़ियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए हर प्रकार का प्रशासनिक सहयोग पूरी तत्परता से कर रही है. अपने शामली दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने कैराना के ऊंचा गांव में निर्माणाधीन पीएसी कैंप का गहन निरीक्षण भी किया.
लाभार्थियों को सौंपे गए सहायता चेक: इसके बाद उन्होंने कैराना के विजय सिंह पथिक डिग्री कॉलेज में आयोजित एक विशाल जनसभा को मुख्य रूप से संबोधित किया. इस मंच से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शामली जनपद के विकास के लिए 617 करोड़ रुपये की कुल 90 विकास परियोजनाओं का ऐतिहासिक लोकार्पण एवं शन्यास किया. इसके साथ ही उन्होंने मंच से विभिन्न कल्याणकारी सरकारी योजनाओं के पात्र लाभार्थियों को सहायता राशि के चेक और प्रमाण पत्र भी वितरित किए.