लखनऊ: उत्तर प्रदेश पुलिस में शामिल नई महिला सिपाहियों ने आज राजधानी लखनऊ स्थित पुलिस लाइन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सलामी दी। बताते चले हुए पिछले दिनों उत्तर प्रदेश में हुई 62044 सिपाही भर्ती के बाद आज उत्तर प्रदेश के 112 ट्रेनिंग सेंटर पर पासिंग आउट परेड का आयोजन किया गया. राजधानी लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहुंचे जहां पर महिला सिपाहियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने पासिंग आउट परेड कर उन्हें सलामी दी. इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुली जीप में बैठकर परेड का जायजा लिया.
वर्दी की सबसे बड़ी ताकत अनुशासन: इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा की वर्दी की सबसे बड़ी ताकत अनुशासन होता है. इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि प्रशिक्षण के दौरान हम जितना पसीना बहाएंगे. हमें बाद में उतना ही कम खून बहाना पड़ेगा. इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशिक्षण में शामिल महिला कांस्टेबल का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि जिस अनुशासन के साथ हमारी महिला सिपाहियों ने प्रशिक्षण हासिल किया है वह काफी सराहनीय है.
अपराधियों पर लगाम लगाई: कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पुलिस को मजबूत करने के लिए हम हर संभव प्रयास कर रहे हैं. हमने इस बार सिपाहियों को थ्री नॉट थ्री के बजाय इंसास राइफल से प्रशिक्षण दिया है. लगातार संसाधन बढ़ाए गए हैं जिससे अपराधियों पर लगाम लगाई जा रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब नए कर्मचारी फील्ड पर जाएंगे इस दौरान फील्ड पर जाने वाले कर्मचारियों को सलाह देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस बात का ध्यान रखना चाहिए की फील्ड में ड्यूटी के दौरान अपराधियों के साथ जितना कठोर होने की जरूरत है. आम आदमियों के साथ उतनी ही संवेदनाएं रखनी चाहिए.
दंगे रोकने में पुलिस सफल रही: आज प्रदेश भर के 10 पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों,73 जनपदों की पुलिस लाइंस,29 पीएसी बटालियन,में कुल 112 रिक्रूट सेंटर में एक साथ आरक्षी दीक्षांत परेड एकसाथ आयोजित की गई. 15 जून 2025 में लखनऊ के डिफेंस एक्सपो ग्राउंड में केंद्रीय गृह व सहकारिता मंत्री अमित शाह जी ने 60,244 अभ्यर्थियों को यह नियुक्ति पत्र प्रदान किया था. 21 जुलाई 2025 से जो यह प्रशिक्षण प्रारंभ हुआ,इस दौरान मुझे भी विभिन्न प्रशिक्षण केंद्रों के अंदर जाने का अवसर प्राप्त हुआ. प्रसन्नता पूर्वक कह सकता हूं कि प्रशिक्षण भी व सुविधाएं भी पहले की तुलना में बेहतरीन करने का कार्य हुआ,आज की यह ड्रिल इस बात की गवाह है. 2017 के पहले जिस प्रदेश में दंगे होते थे, महीनों-महीनों कर्फ्यू रहता था, कोई भी अपने आप को सुरक्षित महसूस नहीं करता था, आज हम सब देख सकते हैं कि दंगे के पहले ही उसे रोकने में आज उत्तर प्रदेश पुलिस सफल है.
महिला पुलिस कितनी बढ़ी: सुरक्षा व्यवस्था का बेहतरीन परिणाम आया है. अब उत्तर प्रदेश में महिला कार्यबल 13 प्रतिशत से बढ़कर के 36 फ़ीसदी से अधिक हुआ है. प्रदेश के अंदर उत्तर प्रदेश केवल आज पुलिस के प्रशिक्षण के साथ ही नहीं जुड़ा है, बल्कि आर्थिक प्रगति का भी एक रीढ़ के रूप में उत्तर प्रदेश पुलिस बल ने अपने आप को तैयार किया है, और उसी का परिणाम है कि बड़े पैमाने पर निवेश प्रदेश के अंदर देखने को मिल रहा है. कहा कि प्रसन्नता है कि,आज जब आप लोगों ने अपने इस प्रशिक्षण को आप पूरा कर रहे हैं, जनपदों की फील्ड ड्यूटी में अब आप जाएंगे, मैं आप सबसे इस बारे में कहना चाहूंगा कि कानून अपराधी के लिए जितना कठोर हो, नागरिकों के प्रति उसे उतना ही संवेदनशील भी होना चाहिए.