सीएम योगी ने मेधावियों को किया सम्मानित, शिक्षकों और प्रधानाचार्यों को भी मिला सम्मान

लखनऊ:मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम मेधावी विद्यार्थी सम्मान समारोह में यूपी बोर्ड और संस्कृत शिक्षा परिषद के टॉप 10, सीबीएसई और आईसीएसई के सर्वोच्च 10-10 समेत कुल 223 राज्य स्तरीय मेधावियों को एक-एक लाख रुपये, एक-एक टैबलेट, प्रशस्ति पत्र और मेडल देकर सम्मानित किया। सीएम ने समारोह में 11 विद्यालयों के प्रधानाचार्यों व शिक्षकों को भी शॉल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

माध्यमिक शिक्षा मंत्री ने विद्यार्थियों को किया संबोधित, कहा- ये आपके लिए अंतिम पड़ाव नहीं है
इसके पहले कार्यक्रम को संबोधित करते हुए माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी ने कहा कि आज कठिन प्रतिस्पर्धा में लाखों के बीच सर्वोच्च स्थान पाना चुनौती का काम है। आप ने रात दिन मेहनत कर इसे प्राप्त किया है। यह सम्मान समारोह ही नहीं जीवन को आगे बढ़ाने का उत्सव भी है। आपने निरंतर प्रयास कर अपना मार्ग प्रशस्त किया। प्रदेश का नाम रोशन किया है। जो लगन, मेहनत से लगे रहते हैं उनके लिए यह अवसर है।

उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह आपका अंतिम पड़ाव नहीं, जीवन की शुरुआत है। जीवन में हमेशा चुनौतियां होंगी। वहीं, दूसरी ओर संकल्प का ध्यान रखें। जो बनना चाहते हैं उसकी तैयारी शुरू करें। संकल्प में कोई विकल्प नहीं होता है। बार बार लक्ष्य न बदले, डॉक्टर, वकील और शिक्षक बनाना है। नेता बनना है तो कुछ करना ही नहीं है।

हाईस्कूल में आने पर बच्चों से मित्रवत व्यवहार करें अभिभावक
गुलाब देवी ने कहा कि अभिभावकों ने बच्चों की हर जरूरत पूरी की। चुनौती का भी सामना किया। छात्राओं के लिए रूढ़िवादी विचारों का सामना किया। वो समाज से लड़कर बच्चों को आगे बढ़ाते हैं। बच्चे आपके जीवन की धरोहर हैं। उन्होंने कहा कि पाश्चात्य संस्कृति के समय लोगों के सामने बड़ी चुनौती है। मोबाइल अच्छी चीज है, इसमें पढ़ाई से जुड़ी चीजें हैं। अभिभावक देखें कि बच्चे इसका सही प्रयोग कर रहे हैं या नहीं। बच्चा हाईस्कूल में आ जाए तो उनके साथ मित्र की तरह व्यवहार करें तो बच्चा गलत भावना भी साझा करेगा और उसके कदम नहीं डगमगाएंगे।

उन्होंने कहा कि बच्चों के मित्र बनकर रहेंगे तो बच्चा सही तरह से आगे बढ़ेगा। आजकल मां को फुरसत नहीं रहती है बच्चों के लिए। शिक्षकों से कहूंगी कि आपकी समाज में एक अलग पहचान है। मां-पिता अपने बच्चे आपको समर्पित करते हैं। आपके कपड़े, आपका व्यवहार, कैसे आते, जाते हैं, ये सब प्रभाव डालता है। मैं खुद शिक्षक रही हूं। बच्चों के लिए आदर्श प्रस्तुत करें। गुरु से बढ़कर कोई नहीं होता है। उन्होंने कहा कि माध्यमिक शिक्षा विभाग ने सीएम के निर्देश पर सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। इस साल भी यूपी बोर्ड परीक्षा नकलविहीन, शुचितापूर्ण हुई है। न पेपर लीक, न समय से पहले खोले गए। सभी को बधाई।