सदन में पीएम मोदी ने मणिपुर और पेपरलीक पर विपक्ष को घेरा, युवाओं को किया आश्वस्त

नई दिल्‍ली: राष्ट्रपति के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर बुधवार को राज्‍यसभा में हुई चर्चा का जवाब दे रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मणिपुर के हालात और नीट पेपर लीक जैसे मुद्दों पर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि हमने पिछले पांच साल में जितना काम किया है, उतना काम करना होता तो कांग्रेस को 20 साल लग जाते।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पूर्वोत्तर में स्थायी शांति के लिए 10 साल निरंतर प्रयास किए गए हैं। बिना रुके, बिना थके प्रयास किए गए हैं। उसकी चर्चा देश में कम हुई है, लेकिन परिणाम व्यापक रहे हैं। उन्होंने पेपर लीक पर कहा कि हम चाहते थे कि पेपर लीक जैसे संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति न हो, लेकिन विपक्ष को इसकी आदत है। मैं भारत के युवाओं को आश्वस्त करता हूं कि नौजवानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को सख्त सजा मिले, इसके लिए एक्शन लिए जा रहे हैं।

मणिपुर पर पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि मणिपुर की स्थिति सामान्य करने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है। वहां जो घटनाएं घटीं, 11 हजार से ज्यादा FIR की गईं हैं, 500 से ज्यादा लोग अरेस्ट हुए हैं। इस बात को भी हमें स्वीकार करना होगा कि मणिपुर में लगातार हिंसा की घटनाएं कम होती जा रही हैं। मणिपुर में भी स्कूल-कॉलेज संस्थान खुले हुए हैं। जैसे देश में परीक्षाएं हुईं, वहां भी परीक्षाएं हुई हैं। केंद्र सरकार और राज्य सरकार सभी से बातचीत करके सौहार्द का रास्ता खोलने की कोशिश कर रही है। छोटे-छोटे ग्रुपों से बात की जा रही है। गृहमंत्री वहां जाकर कई दिन रहे हैं। अधिकारी भी लगातार जा रहे हैं। समस्या के समाधान के लिए हर प्रकार से प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि जो भी तत्व मणिपुर की आग में घी डालने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें आगाह करना चाहता हूं कि ये हरकतें बंद करें। एक समय आएगा जब मणिपुर ही रिजेक्ट करेगा उन लोगों को। जो लोग मणिपुर को, मणिपुर के इतिहास को जानते हैं, वो जानते हैं कि वहां सामाजिक संघर्ष का लंबा इतिहास रहा है। इस संघर्ष की मानसिकता की जड़ें बहुत गहरी हैं। पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस के लोग ये ना भूलें कि इन्हीं हालातों की वजह से इस छोटे से राज्य में 10 बार राष्ट्रपति शासन लगाना पड़ा है। ये हमारे कार्यकाल में नहीं हुआ है। कुछ तो वजह होगी, लेकिन फिर भी राजनीतिक फायदा उठाने के लिए वहां हरकतें हो रही हैं। हमें समझदारी के साथ स्थितियों को ठीक करने के लिए प्रयास करना है।

पेपरलीक पर कही यह बात

प्रधारमंत्री ने पेपर लीक पर कहा कि हम चाहते थे कि पेपर लीक जैसे संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति न हो, लेकिन विपक्ष को इसकी आदत है। मैं भारत के युवाओं को आश्वस्त करता हूं कि नौजवानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को सख्त सजा मिले, इसके लिए एक्शन लिए जा रहे हैं।

AAP की शिकायत कांग्रेस करे, कार्रवाई हो तो गाली मोदी खाए

राज्यसभा में अपने संबोधन के दौरान आम आदमी पार्टी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा कि जांच एजेंसियों पर आरोप लगाए गए हैं। कहा गया कि केंद्र सरकार, जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। शराब घोटाला करे AAP, भ्रष्टाचार करे AAP, बच्चों के क्लासरूम बनाने में घोटाले करे AAP, पानी में घोटाला करे AAP… AAP की शिकायत करे कांग्रेस और उसे कोर्ट तक घसीटे, लेकिन कार्रवाई हो तो गाली मोदी को दें। उन्‍होंने कहा कि अब आप और कांग्रेस साथी बन गए हैं। हिम्मत है तो आप वाले कांग्रेस पार्टी से जवाब मांगें। कांग्रेस देश को बताए कि कांग्रेस ने प्रेस वार्ता करके आप के घोटालों के जो इतने सारे सबूत देश के सामने रखे थे, वो सच्चे थे या झूठे थे?

पीएम मोदी ने कहा कि मैं बिना लाग-लपेट के कह रहा हूं, हमने एजेंसियों को भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए खुली छूट दे रखी है। वो ईमानदारी से काम करे। कोई भी भ्रष्टाचारी बच नहीं पाएगा, ये मोदी की गारंटी है। ये लोग एक मंच पर जांच एजेंसियों के खिलाफ आरोप लगाते हैं। दिल्ली में ईडी-सीबीआई की कार्रवाई पर हाय तौबा करते हैं, लेकिन कांग्रेस के शहजादे केरल में सीएम के खिलाफ, जबकि उनकी पार्टी कांग्रेस की सहयोगी है, केंद्रीय एजेंसियों से जांच कराने और उन्हें जेल भेजने की मांग करते हैं।

हमारे 10 साल हुए, 20 अभी बाकी: पीएम मोदी

कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों ने कहा कि लोकसभा चुनाव के नतीजों में भाजपा को बहुमत नहीं मिला। इसके बाद से ही वे इस सरकार को एक तिहाई सरकार कह रहे थे। इस पर पीएम मोदी ने कहा कि पिछले दो दिन से देख रहा हूं कि आखिर तक पराजय भी स्वीकार हो रही है और विजय भी स्वीकार हो रही है। कांग्रेस के कुछ साथियों को धन्यवाद करना चाहता हूं, क्योंकि जब से नतीजे आए, तब से कांग्रेस के एक साथी को मैं देख रहा था। उनकी पार्टी उनको समर्थन नहीं कर रही थी, लेकिन वे अकेले ही झंडा लेकर दौड़ रह थे। मैं कहता हूं कि वह जो कहते थे, उनके मुंह में घी शक्कर। ऐसा मैं क्यों कह रहा हूं, क्योंकि उन्होंने बार-बार ढोल पीटा था कि एक तिहाई सरकार। इससे बड़ा सत्य और क्या हो सकता है। हमारे 10 हुए हैं। 20 और बाकी हैं। एक तिहाई हुआ। एक तिहाई हुआ है और दो तिहाई बाकी है। इसलिए उनकी इस भविष्यवाणी के लिए उनके मुंह में घी शक्कर।