गोरखपुर: जिले में 31 खेलों में प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूल के छात्र-छात्राएं अपना दमखम दिखाएंगे. माध्यमिक शिक्षा निदेशालय उत्तर प्रदेश का नए शैक्षिक सत्र (2026-27) में जारी खेल कैलेंडर में इन खेलों का जिक्र किया गया है.
इससे संबंधित जिला स्तरीय आवश्यकता और औपचारिकता को पूरा करने की जिम्मेदारी जिला विद्यालय निरीक्षक को सौंपी गई है. इसकी रिपोर्ट 30 जून तक निदेशालय को भेज देनी है.
इस आदेश के तहत कस्तूरबा स्कूल की छात्रों की अलग से टीम बनेगी. पहली बार ऐसा हो रहा है जब माध्यमिक शिक्षा के इस आदेश में जूनियर कक्षा के छात्रों को भी शामिल करने का स्पष्ट उल्लेख किया गया है.
इससे कक्षा 6 से 8 तक के छात्राओं को खेल खेलने का मौका मिलेगा. छात्रों के लिए जिला और मंडल स्तर पर अलग प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी.
इन खेलों में दिखाना होगा दम
इस वर्ष वुशु, मलखंभ, गतका, कलारीपयट्टू, शतरंज, योगासन, थांगता मार्शल आर्ट, कुराश और सेपक टाकरा को ट्रायल आधार पर प्रतियोगिता में शामिल किया गया है.
इसके अलावा बास्केटबॉल, स्केटिंग, तलवारबाजी, साइकलिंग, टेनिस और मॉडर्न पेंटाथलॉन जैसे खेलों के लिए चयन ट्रायल के ज़रिए होगा. प्रतियोगिता 14 से 19 वर्ष आयु वर्ग में आयोजित होगी. जो तीन आयु वर्ग में बंटेगी.
तैराकी और एथलेटिक्स जैसी व्यक्तिगत स्पर्धा में प्रथम और द्वितीय स्थान पर प्राप्त खिलाड़ियों को प्रदेश टीम में शामिल किया जाएगा. जबकि एथलेटिक्स की रिले टीम का चयन अलग से होगा.
मंडल के स्कूलों में कबड्डी, एथलेटिक्स, फुटबॉल हॉकी और वॉलीबॉल जैसी प्रतियोगिताओं में लगातार बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी सामने आते रहते हैं ऐसे में उन्हें राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर भी मौका मिले इस खेल कैलेंडर से यह तय करने की कोशिश की गई है.
माध्यमिक शिक्षा निदेशालय नें जो खेल कैलेंडर जारी कर दिया किया हैं उसके तहत 30 जून से शुरू होकर 17 नवंबर तक चलने वाली प्रतियोगिताओं में 31 खेलों को शामिल किया गया है. पहली बार बेसिक शिक्षा विभाग के कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों को भी सभी स्तरों पर प्रतियोगिता में भाग लेने का अवसर मिलेगा.
प्रतियोगिता में राजकीय सहायता प्राप्त वित्तविहीन, माध्यमिक विद्यालयों, उच्च प्राथमिक विद्यालयों के अलावा केजीबीवी की छात्राएं भाग लेंगी. इनके अलावा जिला और मंडल स्तर पर अलग प्रतियोगिताएं आयोजित होगी.
प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक गोरखपुर, अजीत सिंह ने इस संबंध में बताया है कि नई व्यवस्था के तहत जिले और मंडल की खेल प्रतिभाओं को प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का इससे अवसर मिलेगा. इससे विद्यालय में खेल संस्कृति को भी नई मजबूती मिलेगी.
गौर करें तो अभी तक खेल प्रतियोगिताओं के माध्यम से जिला स्तर के खिलाड़ियों का दबदबा रहता था, लेकिन नई व्यवस्था से ग्रामीण क्षेत्र के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को भी अपने क्षमता को दिखाने का मंच मिलेगा.
प्रतियोगिताएं जिला, मंडल और प्रदेश स्तर पर आयोजित की जाएगी. अंतर मंडलीय प्रतियोगिता में प्रदर्शन के आधार पर प्रदेश की टीम का गठन किया जाएगा. जो राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेगी. विभाग ने निर्देश दिया है कि प्रत्येक विद्यालय के छात्राएं कम से कम दो खेलों में प्रतिभा करें. इनमें एक टीम खेल और एक व्यक्तिगत खेल या दोनों टीम खेल शामिल हो सकते हैं.
माध्यमिक शिक्षा विभाग नें जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देश दिया है कि अपने-अपने जिलों में प्रस्तावित प्रदेशीय प्रतियोगिताओं के आयोजन स्थल और तिथियां निर्धारित कर 25 जून तक उपलब्ध करा दें.