लखनऊ: यूपी में मानसून फिर धीमा हो गया है. मौसम विभाग की मानें तो मानसून जल्द ही तेजी पकड़ेगा. तीन दिनों तक लगातार बारिश की संभावना है. इसे लेकर मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है. चलिए आगे जानते हैं इसके बारे में.
दरअसल, बुधवार को ज्यादातर स्थानों में मौसम ड्राई रहा. दिन के समय खिली तेज धूप और मौसम में आद्रता अधिक होने के कारण उमस भरी गर्मी से प्रदेशवासी बेहाल रहे. वहीं आइसोलेटेड स्थान पर मंगलवार को हल्की बारिश हुई. 17 जुलाई से पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बन रहे निम्न दबाव के कारण बारिश में फिर से वृद्धि होगी. मौसम विभाग की मानें तो अब 17 से 20 जुलाई तक प्रदेश के लगभग सभी इलाकों में गरज चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है.
मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार अभी 2 दिनों तक प्रदेश में कोई सक्रिय मौसम तंत्र न होने के कारण बारिश की कम संभावना है. जिसके कारण उमस भरी गर्मी में और अधिक इजाफा होगा.
पिछले 24 घंटे में 84% कम हुई बारिश: पिछले 24 घंटे में अनुमानित बारिश 9.7 मिली मीटर के सापेक्ष 1.5 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई जो कि सामान्य से 84% कम है.
पिछले 24 घंटे में बारिश के टॉप 5 जिले: महाराजगंज 49, सिद्धार्थ नगर 37.5, बागपत 13.3, गोरखपुर 10.5, संत कबीर नगर 5.2 में बारिश हुई.
लखनऊ का वेदर: मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार बुधवार को लखनऊ में बादलों की आवाजाही रहेगी, आसमान साफ रहेगा. अधिकतम तापमान 39 और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है. मौसम विज्ञान विभाग ने बुधवार को लखनऊ में उमस भरी गर्मी पड़ने की चेतावनी जारी की है.
प्रयागराज सबसे गर्म: मंगलवार को उत्तर प्रदेश का प्रयागराज सबसे अधिक गर्म रहा, जहां पर अधिकतम तापमान 39.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया जो कि सामान्य से 5 डिग्री सेल्सियस अधिक है. वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान गोरखपुर जिले में 24.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया जो कि सामान्य से 1 डिग्री सेल्सियस कम है.
मौसम वैज्ञानिक डॉक्टर अतुल सिंह ने बताया कि मंगलवार को प्रदेश के मध्यवर्ती भाग में बादलों की आवाजाही के बीच थंडरस्टार्म के साथ कहीं कहीं हुई छिटपुट बारिश हुई. इसके अतिरिक्त मानसूनी द्रोणी के अपनी सामान्य स्थिति से काफी उत्तर में तराई की ओर हो जाने के कारण प्रदेश में मानसूनी हवाएं कमजोर पड़ने लगी. आने वाले 2 दिनों के दौरान प्रदेश के अधिकांश भाग में मौसमी गतिविधियां अत्यधिक सीमित रहेगी, कहीं-कहीं छिटपुट बारिश तक सिमट जाने से तापमान में क्रमिक बढ़ोत्तरी जारी रहने से प्रदेश में पड़ रही उमस भरी गर्मी जारी रहने की सम्भावना है. तदुपरांत बंगाल की खाड़ी में सम्भावित निम्न दाब क्षेत्र के प्रभाव से 17 जुलाई से एक बार फिर प्रदेश में मानसूनी गतिविधियों में क्रमिक बढ़ोत्तरी की सम्भावना है.