लखनऊ: किंग जॉर्ज मेडिकल विश्वविद्यालय (KGMU) का 22वां दीक्षांत समारोह सोमवार को आयोजित हुआ. समारोह में देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मेधावी छात्रों को मेडल और डिग्रियां प्रदान कर उनका उत्साह बढ़ाया.
इस मौके पर केंद्रीय राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और कई वरिष्ठ चिकित्सक और शिक्षक मौजूद रहे. समारोह में विभिन्न पाठ्यक्रमों के 54 मेधावी छात्र-छात्राओं को पदक (मेडल) प्रदान किए गए. वहीं 1708 विद्यार्थियों को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए डिग्रियां दी गईं. इनमें 977 छात्र और 726 छात्राएं शामिल हैं.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि डॉक्टर का पेशा सिर्फ इलाज करने का नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का सबसे बड़ा माध्यम है. मरीज डॉक्टर के पास सिर्फ दवा लेने नहीं, बल्कि भरोसा लेकर आता है. इसलिए हर डॉक्टर को अपने ज्ञान के साथ संवेदनशीलता और मानवीय व्यवहार भी बनाए रखना चाहिए. उन्होंने कहा कि कई बार डॉक्टर का अपनापन, मुस्कान और भरोसा दिलाने वाले शब्द भी मरीज के इलाज में बड़ी भूमिका निभाते हैं.
राजनाथ सिंह ने अंगदान का भी जिक्र किया, उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के जाने के बाद उसके अंग कई लोगों को नई जिंदगी दे सकते हैं. समाज में अंगदान को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करने में डॉक्टरों की सबसे बड़ी भूमिका है. उन्होंने कहा कि भारत स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल रिसर्च में तेजी से आगे बढ़ रहा है. आज देश में आधुनिक तकनीक, जीन थेरेपी, CAR-T सेल थेरेपी और नई चिकित्सा तकनीकों पर तेजी से काम हो रहा है.
वहीं, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि डिग्री मिलने के साथ ही डॉक्टरों के कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी भी आ जाती है. चिकित्सा केवल रोजगार नहीं, बल्कि सेवा और समर्पण का माध्यम है. राज्यपाल ने KGMU की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि यहां हर साल करीब 19 लाख मरीज इलाज के लिए आते हैं.
विश्वविद्यालय शिक्षा, शोध और आधुनिक चिकित्सा के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहा है. रोबोटिक सर्जरी, अंग प्रत्यारोपण, ट्रॉमा केयर और रिसर्च के क्षेत्र में KGMU नई पहचान बना रहा है. उन्होंने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर विशेष जोर देते हुए कहा कि विकसित भारत का सपना तभी पूरा होगा, जब माताएं स्वस्थ होंगी और उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी.
साथ ही केंद्रीय राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि आज का दिन उनके जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव है. उन्होंने KGMU के गौरवशाली इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि इस संस्थान के निर्माण में अवध के ताल्लुकेदारों और कई दानदाताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा है. उन्होंने कहा कि KGMU ने देश-दुनिया को बेहतरीन डॉक्टर दिए हैं और नई पीढ़ी को भी उसी परंपरा को आगे बढ़ाना है.
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि KGMU केवल एक विश्वविद्यालय नहीं, बल्कि देश की पहचान बन चुका है. यहां हर दिन 10 हजार से ज्यादा मरीज इलाज के लिए आते हैं. उन्होंने कहा कि डॉक्टरों को मरीज को भगवान का रूप मानकर सेवा करनी चाहिए.